aajkiduniya

रविवार, 17 जनवरी 2021

बर्ड फ्लू क्या है? What is Bird Flu?


बर्ड फ्लू

दोस्तो दुनियाभर में फैले अनेक बीमारियों का नाम सुना होगा उन्हीं मेंं सेेेे एक बीमाारी के बारेे में विस्तार से जानेंगे इस बीमारी का नाम बर्ड फ्लूू है।

1. बर्ड फ्लू क्या है? लक्षण, कारण
1.1 बर्ड फ्लू क्या है? 
1.2 लक्षण
1.3 कारण 
2. बर्ड फ्लू का बच्चों में प्रभाव
2.1 इम्यूनिटी सिस्टम क्या है?
3. विश्व में बर्ड फ्लू का पहला मामला
4. भारत में बर्ड फ्लू का पहला मामला
5. बर्ड फ्लू के स्ट्रेन
6. बर्ड फ्लू का इलाज तथा दवा
6.1 बर्ड फ्लू का इलाज
6.2 दवा (Medicine)
7. बर्ड फ्लू से बचने के उपाय


1:- बर्ड फ्लू क्या है? लक्षण, कारण 

1.1 बर्ड फ्लू क्या हैै:-

बर्ड फ्लू को एवियन इनफ्लुएंजा भी कहा जाता है यह वायरस के कारण फैलता है । यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है अगर इस पर ध्यान ना दिया जाए तो यह महामारी का रूप ले सकती हैं। यह इंफेक्शन मुर्गियों, मोर, बत्तख तथा पक्षियों में तेजी से फैलता हैै। इनफ्लुएंजा वायरस इतना खतरनाक होता है कि इससे पक्षियों की मौत हो जाती हैं।

इस बीमारी से ज्यादातर मुर्गियां या पक्षीयां ही प्रभावित होती हैं। यह बीमारी जानवरों में बहुत ही कम देखने को मिलता है जबकि मनुष्य में बहुत कम होता है। लेकिन जब ऐसे मनुष्य, पोल्ट्री फॉर्म या पक्षियों के संपर्क में आता है, जोकि इस वायरस से ग्रसित हैं तो वह व्यक्ति भी ग्रसित हो जाता है।

  अब तक बर्ड फ्लू से अनेकों देशों के लोग प्रभावित हैं। जिसमें से ज्यादातर मामला साउथ ईस्ट एशिया से हैं।

1.2 बर्ड फ्लू के लक्षण:-  

  • बुखार आना (100 F or 38 Degree Celcius)
  • दस्त होना
  • सिर में दर्द रहना
  • गले में खराश होना
  • नाक बहना
  • गले में सूजन आना
  • हमेशा दस्त होना
  • सांस लेने में भी विभिन्न समस्या होना
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • सिर दर्द होना
  •  डायरिया

नोट :-

  1. वर्ल्ड फ्लू के लक्षण 3 से 5 दिन के बाद दिखने लगते हैं।
  2. जबकि कुछ परिस्थितियों में 7 दिन के बाद दिखते हैंं।
  3. बर्ड फ्लू इंसानों के आंख, नाक व मुंह के माध्यम से अंदर पहुंच कर ग्रसित कर देता हैं।

1.3 बर्ड फ्लू का कारण:-

  • मुर्गियों या पक्षियों के निकट रहने से इस वायरस से मनुष्य ग्रसित हो सकता है।
  • इंसानों में यह वायरस उनके मुंह नाक और आंख के माध्यम से फैलता है।
  • मरे हुए पक्षियों के संपर्क में आने से यह वायरस फैलता है।
  • जो व्यक्ति पोल्ट्री फॉर्म में रहते हैं उसके संपर्क में आने से भी फैलता है।
  • यह पक्षियों के लार से भी फैलता हैै।

2. बर्ड फ्लू का बच्चों में प्रभाव:-

यह बीमारी मनुष्य में बहुत ही कम फैलती हैं। लेकिन बच्चों की इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होती है इसलिए इस वायरस से ग्रसित होने का संभावना ज्यादा होती हैं। तथा इसके साथ ही बुड्ढे तथा प्रेग्नेंट औरतों को भी ग्रसित होने का की संभावना बढ़ जाती हैं।

2.1 इम्यूनिटी सिस्टम क्या हैै:-

इम्यूनिटी(Immunity) को हिंदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता कहां जाता है। ये हमारे शरीर को सभी तरह की बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती हैं।

3. विश्व में बर्ड फ्लू का पहला मामला:-

WHO(World Health Organization) के अनुसार H5N1 वायरस सबसे पहले मानव में 1997 में देखा गया था। और इससे ग्रसित लोगों में से 60% लोगों की मृत्यु भी हो गई थी।

अगर हम इस वायरस से ग्रसित होने वाले पहले केस की बात करें तो पहला हॉन्ग कोंग में 1997 में पाया गया था, जो कि यह केस पोल्ट्री फॉर्म से प्रभावित था।

4. भारत में बर्ड फ्लू का पहला मामला:-

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार 2006 में इस बात की पुष्टि की गई थी कि भारत के महाराष्ट्र राज्य में मुर्गियों में बर्ड फ्लू के वायरस पाया गया। यह पहला मामला था जब दुनिया के अनेक देशों में फैल चुकी वायरस को भारत में पहली बार पाया गया था।

5. बर्ड फ्लू के स्ट्रेन:-

  पूरी दुनिया में बर्ड फ्लू के लगभग 15 स्ट्रेन हैं। जोकि H1N1, H1N8, H2N9, H3N2, H3N8, H4N6, H4N3, H6N6, H5N1, H5N8, H7N3, H7N7, H7N9, H9N2, H14N4 है।

लेकिन H5N1 स्ट्रेन सबसे ज्यादा इंसानों को संक्रमित करता है। और यह काफी खतरनाक भी साबित हुआ है। जबकि वर्ल्ड फ्लू के वायरस H7N9, H7N7 और H9N2 से संक्रमित इंसानों को कभी कभी देखा गया है

6. बर्ड फ्लू का इलाज तथा दवा

6.1 बर्ड फ्लू का इलाज:-

बर्ड फ्लू किसी मरीज को है या नहीं, इसकी जांच डॉक्टर पॉलीमिरेज चेन रिएक्शन (Polymerase Chain Reaction - PCR) के जरिए करते हैं। या टेस्ट करवाने से या पता चल जाता है कि आपके शरीर में बर्ड फ्लू के वायरस का न्यूक्लिक एसिड है या नहीं। इसके आधार पर डॉक्टर यह पता करते हैं, कि इंसान के शरीर में किस प्रकार का बर्ड फ्लू वायरस है। यानी H5N1 है या H7N9 या कोई और वायरस है। अगर ऐसे पता नहीं चलता तो डॉक्टर खून की जांच करके एंटीबॉ़डी का पता लगाते हैं।


6.2 दवा (Medicine):-

बर्ड फ्लू का इलाज एंटीवायरल ड्रग ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू) (Oseltamivir (Tamiflu) ) और ज़ानामिविर से किया जाता है।

7. बर्ड फ्लू से बचने के उपाय

7.1 ठीक से पका हुआ खाना खाये-

बर्ड फ्लू से बचने के लिए आपको किसी भी प्रकार के खाना को ठीक से पका कर खाना चाहिए। क्योंकि यह वायरस ताप के प्रति संवेदनशील होते हैं।

7.2 कच्चा मांस न छुये-

यदि आप किसी भी प्रकार के चिकन का दुकान से खरीदते हैं। तो उस समय आप सावधानि यह बरतें की उस मीट को या मांस को हाथ से न छुए, क्योंकि यदि वह मांस वायरस से ग्रसित है। तो आपके छूने पर आप भी ग्रसित हो जाएंगे।

7.3 पोल्ट्री फॉर्म से दूरी बनाए-

बर्ड फ्लू से बचने के लिए आपको पोल्ट्री फॉर्म तथा पोल्ट्री फॉर्म में कार्य करने वाले व्यक्ति से दूरी बनाकर रहने की जरूरत होती है। क्योंकि यह वायरस मुर्गियों से फैलता है। यदि पोल्ट्री फॉर्म में किसी मुर्गी को यह वायरस है तो उसके संपर्क में आने से पोल्ट्री में काम कर रहे व्यक्ति को भी यह वायरस हो जाएगा।

7.4 साफ सफाई-

किसी भी प्रकार के वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई एक महत्वपूर्ण कार्य है। आपको अपने आसपास की जगह की साफ-सफाई उचित तरीके से करनी चाहिए। ताकि वहां पर किसी प्रकार के पक्षी या जानवर का लार गिरा हो तो साफ हो जाए।

7.5 सैनिटाइजर का प्रयोग करें-

साफ सफाई के साथ-साथ आपको वायरस से बचने के लिए उचित सैनिटाइजर का भी प्रयोग करते रहना चाहिए, ताकि यदि कोई वायरस आपके संपर्क में है तो वह नष्ट हो जाए।

मंगलवार, 12 जनवरी 2021

वैदिक पेंट क्या है? What is Vedic paint? या प्राकृतिक पेंट,

 वैदिक पेंट:-  यह पेंट गाय के गोबर से बना हुआ है। इस पेंट को खादी प्रकृतिक पेंट तथा cow dung paint भी कहा जाता है। इस पेंट को बनाते समय प्रकृति के साथ ही मनुष्य के स्वास्थ्य को भी पूर्ण रूप से  ध्यान में रखा गया है

वैदिक पेंट के कुछ मुख्य तथ्य:- वैदिक पेंट में हम कुछ मुख्य तत्वों के बारे में जानेंगे जैसे कि

  • वैदिक पेंट की बनावट
  • वैदिक पेंट के प्रकार
  • वैदिक पेंट की क्वालिटी
  • वैदिक पेंट को किस कंपनी ने बनाया है
  • वैदिक पेंट को प्रमाणित किसने किया है 
  • वैदिक पेंट को बनाने का उद्देश्य क्या है
  • वैदिक पेंट से किसको फायदा होगा

अब हम एक-एक करके जानेंगे इसके बारे में विस्तार से तो आइए देखते हैं:-

वैदिक पेंट की बनावट:-

                               यह पेंट पूर्ण रूप से गाय के गोबर से बना हुआ तथा इसका मुख्य घटक भी गाय का गोबर ही है। इस पेंट को बनाते समय प्राकृतिक तथा मनुष्य के स्वास्थ्य को पूर्ण रूप से ध्यान में रखा गया है। यह Vaidik paint पर्यावरण के अनुकूल, जीवाणु रोधी, गैर विषैले रंग का है।

       इस पेंट को दीवाल पर लकड़ी पर या लोहे पर भी लगाया जा सकता है। जो कि अलग-अलग प्रकार से बाजार में उपलब्ध होगा , यह खादी तरह का पहला पेंट होगा। इस पेंट को लगाने के बाद, अगर कोई व्यक्ति इसे wash करना चाहता है तो तो वह इसे धो (wash) सकता है।

वैदिक पेंट के प्रकार:-  यह पेंट दो प्रकार का हैं।

Plastic emulsion paint

Dispainter paint

वैदिक पेंट की क्वालिटी:-

                                    वैदिक पेंट को बनाते समय निम्न बातों को ध्यान में रखा गया। यह सस्ता, टिकाऊ तथा ज्यादा दिनों तक चलने वाला है। यह फंगसरोधी जीवाणु रोधी हैं,और साथ ही सीसा, पारा ,क्रोमियम और असैनिक और आरसेनिक ,कैडमियम और भारी धातुओं से मुक्त है।

यह 2 लीटर से लेकर के 5 लीटर तक के पैकिंग में उपलब्ध होगा

वैदिक पेंट को बनाने वाली कंपनी:-

                                              इसको तैयार करने वाली कंपनी भारत की है यह वैदिक पेंट कुमारम्पा नेशनल हैन्डमेड पेपर इंस्टिट्यूट ,जयपुर में बनाया गया है। इस पेन्ट को बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले घटक में मुख्य घटक गाय का गोबर है और इस पेन्ट की विशेषता यह हैै कि इसे लगाने के 4 घंटे के बाद ही सूख जाता है।

वैदिक पेंट खादी और ग्रामोद्योग आयोग के विशेषज्ञों द्वारा विकसित ऑर्गेनिक वैदिक पेंट के नाम से भी जाना जाता है इस पेंट को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप माना गया है।

पेंट की थिकनेस और स्मूथनेस या बरस ब्रश पर चलने जैसे अन्य मापदंडों के लिए भी राष्ट्रीय स्तर की सरकारी व निजी लैब से इसका परीक्षण किया गया है।

और भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इसको  प्रमाणित किया गया। जिसमें इस वैदिक पेंट को देश की 3 सबसे बड़ी प्रशिक्षण एजेंसी है नेशनल टेस्ट हाउस गाजियाबाद, नेशनल टेस्ट हाउस मुंबई ,श्री रम इंडस इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च नई दिल्ली में इसका टेस्ट किया गया है

पेन्ट को बनाने का उद्देश्य:-

                                गाय के गोबर से पेंट बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों की आय को बढ़ाना तथा किसानों द्वारा जब गाय पाला जाता है तो उनसे जो गोबर निकलता है, उसका उचित प्रयोग करके किसानों की आय बढ़ाई जाए जिससे कि किसानों को एक अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सके  ।

वैदिक पेंट से फायदा:-

                           वैदिक पेंट से किसानों को मुख्य फायदा होने वाला है। क्योंकि इस पेट को बनाने में जो कच्चे पदार्थ का प्रयोग होगा, वह गाय का गोबर होगा। पहले किसान गाय के गोबर को खेतों में खाद के लिए डाल देते हैं, तथा अधिक होने पर उसका प्रयोग उपला बनाकर के इंधन के रूप में करते थे। लेकिन इसके साथ एक और भी गाय केे गोबर का प्रयोग जुड़ गया है। 

अब किसान गाय का गोबर बेचकर वर्ष में ₹30,000 से ₹55,000 तक कमा सकते हैं। इससे किसान की आमदनी बढ़ जाएगी, और यह पैसा किसान अपने किसी अन्य उपयोगी कार्य में लगा सकते हैं।

                          यदि यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो लाइक और कमेंट करें।

      धन्यवाद








सोमवार, 11 जनवरी 2021

परीक्षा मे पूछे जाने वाला भौतिक विज्ञान के 100 महत्वपूर्ण प्रश्न

परीक्षा  मे पूछे जाने वाला भौतिक विज्ञान के 100 महत्वपूर्ण प्रश्न  
1. जब प्रकाश की किरण एक माध्यम  दूसरे माध्यम में जाती है तो इसकी ?
  -   आवृति  सामान रहती है 
2 - वायुमण्डलीय दाब  मापने का यन्त्र हैं ?
  -  बैरोमीटर 
 3 -आवृति  सामान बनी रहती  हैं ?
  -  20000 हर्ट्ज़ से अधिक 

4 - ध्वनि  की पिच पर आवृति   मापने की इकाई  हैं 
 -   हर्ट्ज़ 
5 - शक्ति  और ऊर्जा  दोनों कौन सी राशि  है ?
 -  अदिश  राशियां 
6 - वहां की गति मापने का यन्त्र  है ?
 -  स्पीडोमीटर 
7 - ज्योति तीव्रता का मात्रक  हैं ?
 -  कैंडेला 
8 - दो  बस्तुओं  की बीच की  जाती हैं ?
 -  सेक्सटैंट (sextant )
9 - वायुमण्डलीय डाब की इकाई  हैं ?
 -   बार 
10 - कोण  की इकाई होतीं है ?
   -   रेडियन 
11 - ऑप्टिक्स भौतिक विज्ञान  की वह  शाखा  है जिसमे अध्ययन किया जाता है ?
  -    प्रकाश की प्रकृति  और गुणधर्म का 
12 - मैनोमीटर  का उपयोग किया जाता है ?
  -    डाब मापने के लिए 
13 - एक  फैदम का मान हैं ?
  -    6 फीट 
14 - समय के सूक्ष्म अंतर  को मापा जाता हैं ?
  -    एटोमैटिक ब्लॉक  से 
15 - पराध्वनि  गति  मापन  के लिए प्रयुक्त इकाई  हैं ?
   -   मैक 
16 - डाब की SI मात्रक हैं ?
  -    पास्कल 
17 - एक खींचे  गए रबर  में होती  हैं ?
  -     स्थितिज ऊर्जा 
18 - तूफान  में कुछ  घरो की छते उड़ जाती हैं यह  उदाहरण है ?
  -    बरनौली  सिद्धांत  का 
19 - एक पारसेक में कितने प्रकाश वर्ष होते है ?
   -   3. 26 
20 - प्रकाश संश्लेषण में प्रकाश ऊर्जा रूपांतरित होता है ?
   -    रसायन  ऊर्जा में 
21 - सापेक्ष  घनत्व की इकाई हैं ?
   -    ग्राम प्रति घन सेमि. 
22 - ठोस  में आन्तराणुक आकर्सण बल होता है ?
  -     सबसे अधिक 
23 - भारत  में ऊर्जा का प्राथमिक स्त्रोत  हैं ?
  -    कोयला 
24 - एक  जूल बराबर होता है ?
  -    0.24 कैलोरी के 
25 - किसी ठोस और द्रव  के घनत्व  सामान है तो ठोस -
 -     तैरेगा 
26 - जल में किसी साबुन को मिलाने पर पृष्ट तनाव  हो जाता है ?
  -    कम 
27 - समुन्द्र तल  पर वायुमण्डलीय डाब होता हैं ?
  -    760 mm Hg 
28 - प्लास्टिक  का गलनांक होता हैं ?
  -    105 -115 डिग्री सेल्सियस 
29 -  किसी गैस में उत्पन्न ध्वनि तरंग सदैव  होता है ?
  -     अनुदैर्घ्य तरंग 
30 - प्राथमिक  बैटरी है ?
  -    मरकरी बैटरी

   -   

शनिवार, 6 जून 2020

डिप्रेशन (Depression)

डिप्रेशन
अवसाद को ही अंग्रेजी भाषा में डिप्रेशन कहते हैं मनोविज्ञान के हिसाब से अवसाद को मनोविकार के रूप में देखा जाता है यानी कि Depression is a mood disorder. 
आज के टाइम में डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है जिसके बारे में कहीं कोई बात ही नहीं हो रहा है इसमें यही  खत्म करने में यही सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न कर रहा है डब्ल्यूएचओ यानी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह स्पष्ट किया है कि आने वाले टाइम में डिप्रेशन एक बहुत बड़ी बीमारी का रूप ले लेगा। डिप्रेशन को खत्म करने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि डिप्रेशन क्या है इसके लक्षण क्या है और यह क्यों उत्पन्न होता है