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शनिवार, 23 मई 2020

अच्छी सेहत कैसे बनाये ( How to make a good Health)

        अच्छी सेहत कैसे बनाये 
             आज के समय में हर कोई सेहतमंद रहना चाहता है हर कोई चाहता है कि वह फिट रहे और  फिट     रहने   के लिए बहुत सारे उपाय भी करता है आज की भागदौड़ भरी जिंदगी के साथ सेहत को बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है आइए जानते हैं तम अपनी सेहत को अच्छा कैसे बना सकते हैं बहुत सी चीजें हैं जिनका प्रभाव हमारी सेहत पर पूर्ण रूप से पड़ता है जैसे कि

 हमारे आसपास का वातावरण - हमारे आस पास के वातावरण हमारे शरीर और मस्तिष्क पर अधिक प्रभाव डालता है अगर हमारे आसपास  का वातावरण शुद्ध नहीं है तो  उसका बुरा प्रभाव पड़ता है  और हमारी सेहत पर देखने को  भी मिलता है इस लिए सभी को यह प्रयास  करना चाहिए की उसके आस पास का वातावरण शुध्द और शांत  हो।

 सही खानपान - सही खानपान का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है हम क्या खाते हैं क्या पीते हैं इसका हमारी सेहत से बहुत बड़ा संबंध है एक अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार का होना अति आवश्यक है क्योंकि आजकल की 80% बीमारियां सही आहार न लेने से हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न होती हैं हमारा शरीर एक मशीन की तरह है जिस प्रकार एक मशीन को काम करने के लिए इंधन की आवश्यकता पड़ती है ठीक उसी प्रकार हमारा शरीर तभी काम करेगा जब हम उसे सही इंदन (संतुलित आहार )देंगे।

सबका  शरीर के कार्य करने की क्षमता अलग-अलग होती हैं इसलिए उन्हें अपने शरीर  के कार्य करने की क्षमता के हिसाब से भोजन की आवश्यकता पड़ती हैं अधिकतर लोग भोजन करते वक्त इन बातों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं कि उनके भोजन में  आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्व है या नहीं किसी पोषक तत्व का अधिक हो जाना या कम हो जाना हमारे शरीर को सेहतमंद नहीं बना सकता इसलिए जरूरी है कि वह अपने खान-पान पर ध्यान दें बाहर की चीजें ना करें अपने भोजन में जंक फूड का इस्तेमाल ना करें समय पर भोजन करें अच्छा खाये  और इन बातों का ध्यान दें और अच्छी सेहत पाएं।

 नींद - पूरी  नींद लेना अच्छी  सेहत  के लिए बहुत ही जरूरी  है आजकल लोगों के पास काम का इतना ज्यादा प्रेशर होता है कि वह पूर्ण रूप से नींद नहीं ले पाते हैं आज के इंटरनेट की दुनिया ने  मानो  लोगों की आंखों से नींद ही छीन ली है लोग रात देर तक काम करते रहते हैं और फिर उन्हें सुबह जल्दी उठना होता है इस बीच वह प्रॉपर रूप से शरीर की आवश्यकता के अनुसार नींद पूरी नहीं कर पाते इसका सीधा असर उनकी सेहत पर देखने को मिलता है वह हमेशा चिड़चिड़े रहते हैं मस्तिष्क शांत नहीं रहता और स्थिरता की कमी हो जाती हैं

 इसलिए सोना बहुत ही ज्यादा जरूरी है यदि आप एक अच्छी नींद लेते हैं तो मन में स्थिरता बनी रहती हैं सोचने समझने की क्षमता अधिक होती हैं और हमारा चिरचिरा भी दूर हो जाता है इसलिए जरूरी है कि समय पर सोना और उठना। रात को जल्दी सोना और सुबह में जल्दी उठना अच्छी सेहत के  साथ-साथ सफलता की भी निशानी है
  खुश  रहना - कहा जाता है कि खुश रहने से आधा से अधिक समस्याएं खत्म हो जाती हैं बाकी सभी चीजों की तरह खुश रहना भी अच्छी सेहत के लिए जरूरी है इसलिए खुश रहने का प्रयास करना चाहिए।

व्यायाम  करना -  शरीर को फिट रखने और एक्टिव रखने के लिए व्यायाम करना अति आवश्यक है हमें नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए व्यायाम  करने से हमारे शरीर में ऊर्जा का संचार बना रहता है और हमारे शरीर को रोगों से मुक्त रखने में सहायक सिद्ध होता है इसलिए ब्याम हमारे सेहत के लिए आवश्यक है अतः इन सारी बातों को ध्यान में रखकर कार्य करें बेशक हम एक अच्छी सेहत के हकदार होंगे।
             
                                                                        धन्यवाद

रविवार, 10 मई 2020

माँ क्या होती हैं ?

                                                       माँ 
   माँ  वो होती है जो बिना किसी स्वार्थ  के अपने बच्चो  से इतना  प्यार और बच्चो के लिए  त्याग करती  है। जिसको कभी  बच्चे अपने पुरे जीवनकाल में भी चूका नहीं सकते है , माँ प्यार की चरम सीमा है | माँ  घरो में या घर के बाहर अनेक  पीड़ा और यातनाए सहते  हुए  भी बच्चो के प्रति प्यार,  दुलार कम नहीं  करती  है। माँ प्यार का समुन्दर है जिसमे नामात्र की भी प्यार की कमी नहीं  होती है। 

  माँ के सम्मान में कुछ चंद पक्तियाँ समर्पित है -  

     माँ ममता  की एक  मिशाल हैं ,
     माँ से मुझको  न कोई सवाल  हैं। 
     जिसकी  बदौलत  मै यहाँ हूँ,
     उसको  भला  क्या आज मलाल हैं। 

                    जो मेरे लिए हर रिस्ता त्यागे
                    दिन  में जागे ,रात को भी जागे। 
                    ऐसी माँ को मेरा सलाम हैं ,
                    जो जिम्मेदारी से, कभी न भागे। 

    बच्चे माँ को बहुत सताते,
    कभी  रुलाते  , तो  कभी हसाते। 
    पर वह  माँ  की, ममता  होती हैं,
    जो कभी बच्चे  को रोने न देती हैं। 
                                    
                   बच्चो  का हर  दुःख  सुख ,
                   माँ अपना समझती हैं ,
                  पर अपनी  पीड़ा,  किसी  से न कहती  हैं।
                   माँ  ही है जो, मेरी आँसू पहचाने,
                   दुनिया भला क्या, मोल इसका जाने। 
   
    निःस्वार्थ भाव  से, त्याग और बलिदान करती,
    बच्चो  के लिए  वह , पूरी दुनिया से लड़ती 
    कर्तव्य समझकर अपना , सबकुछ करती ,
    पर    माँ  को   उम्मीद ,  किसी  से   न   रहती। 
    लेकिन   मुझको   दर्द   बहुत   होती   हैं ,
    जब  किसी  की  माँ   चुपके  से   रोती  है।  
           

                                     धन्यवाद
     

    
    

पढाई में मन कैसे लगायें ?

  पढ़ाई में ध्‍यान लगने का आसान तरीका

      कुछ छात्रों के मन में पढ़ने की इच्‍छा तो बड़ी प्रबल होती है, पर पढ़ाई में उनका ध्‍यान नहीं लगता है. किताब के खुले पन्‍ने छात्र को निहार रहे होते हैं और विद्यार्थी का ध्‍यान अक्‍सर भटककर कहीं दूसरी जगह चला जाता है. दूसरी तरह की समस्‍या यह देखी जाती है कि कुछ लोग पढ़ाई तो गंभीरता के साथ करते हैं, पर वे पढ़ी हुई बातों को याद नहीं रख पाते. इस तरह की समस्‍याओं का निदान श्रीरामचरितमानस के मंत्र से संभव है.

 गुरगृहं गए पढ़न रघुराई। अलप काल बिद्या सब आई।।

  कहने का तात्पर्य  यह है की - श्रीरामचंद्रजी और उनके भाई जैसे ही किशोरावस्‍था में पहुंचे, उन्‍हें विद्या अर्जित
करने के लिए गुरु के घर भेज दिया गया. थोड़े ही समय में उन्‍हें सभी विद्याएं आ गईं.

       आप कहेंगे कि वह तो भगवान  थे इसलिए आ  गई।  बस यहीं  से आपके दिमाग में negative thought प्रवेश  कर जाता  हैं और आप आगे की सोचना बंद कर देते हैं यही  पर आपको सँभलने की जरुरत है और थोड़ा एकांत  में बैठकर  सोचने की जरुरत है और -

 आपको खुद से  कुछ Question करने की जरुरत है ? 

  1.  मेरा पढाई में मन क्यू नहीं लग रहा हैं ? 

  2.  क्या मै कमजोर  हूँ  ?

  3. मै  क्यू नहीं पढ़  सकता हूँ  ?

  4. मै  इससे  कब तक भागता रहूँगा  ?

  5. मुझे  कैसे पढाई करनी चाहिये ?